Monthly Archives: May 2010

अमितजी के ब्लॉग से

जग मुझे टेढ़ी नज़र से देखता है और, लो, पाषाण मुझपर फेंकता है जो उसे पत्थर वही तो फूल मेरे प्यार की तो भूल भी अनुकूल मेरे – श्री हरिवंश राय बच्चन ये पंक्तियाँ मैंने “तीन पत्ती” नमक चलचित्र को … Continue reading

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